नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर अधिकारियों के होश उस समय उड़ गए, जब एक 13 साल का अफगानी लड़का विमान के लैंडिंग गियर से जीवित निकलता हुआ पाया गया। विमान काबुल से दिल्ली आया था और बच्चे ने हजारों फीट की ऊंचाई पर ठंड, ऑक्सीजन की कमी और जानलेवा दबाव सहते हुए यह सफर तय किया।
अधिकारियों ने इस पूरे मामले को “चौंकाने वाला और असामान्य” बताया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर यह बच्चा कैसे सुरक्षा जांच को चकमा देकर विमान के पहियों के हिस्से तक पहुंच गया और वहां छिपकर दिल्ली की सीमा में दाखिल हो गया।
कैसे की बच्चे ने यह खतरनाक यात्रा?
- सूत्रों के अनुसार, लड़का विमान के उड़ान भरने से कुछ मिनट पहले रनवे पर लैंडिंग गियर के पास घुस गया।
- विमान के उड़ान भरते ही उसने खुद को अंदर फंसा लिया।
- पूरे सफर में उसे माइनस तापमान और ऑक्सीजन की कमी झेलनी पड़ी।
- डॉक्टरों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि वह जीवित बच गया।
दिल्ली पहुंचते ही मचा हड़कंप
जैसे ही विमान उतरा और तकनीकी जांच हुई, ग्राउंड स्टाफ को लैंडिंग गियर के पास बच्चा दिखाई दिया। तुरंत एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई।
- बच्चे को तुरंत मेडिकल टीम के पास ले जाया गया।
- उसकी हालत नाजुक थी लेकिन अब स्थिर बताई जा रही है।
- पूछताछ में उसने बताया कि वह अफगानिस्तान की स्थिति से परेशान होकर भाग निकला।
अधिकारियों का खुलासा
एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने इस घटना को लेकर कई बातें साफ कीं:
- लड़के ने संभवतः स्थानीय एयरपोर्ट सुरक्षा में बड़ी चूक का फायदा उठाया।
- इतनी ऊंचाई और तापमान पर इंसान का बच पाना लगभग नामुमकिन है।
- यह एविएशन से जुड़ा बड़ा सुरक्षा खतरा भी हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और जांच
- DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
- भारतीय विदेश मंत्रालय अफगानिस्तान सरकार से इस मामले में संपर्क में है।
- विमान कंपनी ने भी कहा है कि यह “एयरपोर्ट सुरक्षा में बड़ी कमी” का नतीजा है।
लड़के की कहानी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार:
- लड़के का नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
- उसने कबूल किया कि वह अफगानिस्तान की गरीबी, बेरोजगारी और संघर्ष से भागना चाहता था।
- उसके परिवार को फिलहाल सूचना दी गई है।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल एक बच्चे की खतरनाक हिम्मत और मजबूरी की कहानी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एविएशन सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाती है। फिलहाल, लड़के की देखभाल दिल्ली में हो रही है और भारत सरकार इस घटना को लेकर सावधानी और कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई कर रही है।
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