दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को अब एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। जांच में पता चला है कि आतंकी मॉड्यूल से जुड़े दो डॉक्टर—डॉ. आदिल और डॉ. उमर—के बीच पिछले कई महीनों से गंभीर असबन चल रही थी। यही वजह थी कि उमर, आदिल की शादी में भी शामिल नहीं हुआ था। अब इस निजी अनबन ने जांच एजेंसियों की दिशा बदल दी है, क्योंकि माना जा रहा है कि दोनों के बीच बढ़ते मतभेदों ने मॉड्यूल के अंदर कई गुट तैयार कर दिए थे।
जांच में सामने आया नया एंगल: टीमवर्क टूट चुका था
NIA और स्पेशल सेल की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, ब्लास्ट से कुछ महीने पहले ही आतंकी स्लीपर सेल के भीतर आपसी भरोसा कमजोर पड़ गया था।
सूत्रों का दावा है कि:
- उमर और आदिल एक-दूसरे के फैसलों से खुश नहीं थे
- मॉड्यूल की फंडिंग को लेकर भी दोनों में टकराव हुआ
- प्रशिक्षण और ऑपरेशन प्लानिंग पर कई बार बहस हुई
- निजी रिश्तों में खटास आने के बाद दोनों अलग-अलग काम करने लगे
एजेंसियों का कहना है कि इसी आंतरिक टूट-फूट के कारण कई अहम गलतियां हुईं, जो आखिरकार दिल्ली कार ब्लास्ट का कारण बनीं।
आदिल की शादी में क्यों नहीं गया था उमर?
इस पर मिला बड़ा जवाब**
पूछताछ में पकड़े गए संदिग्धों ने खुलासा किया है कि उमर ने दिसंबर में हुई आदिल की शादी में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
इसकी मुख्य वजह थीं:
- ऑपरेशन के लीडरशिप पर विवाद
- विदेशी फंडिंग के बंटवारे में मतभेद
- मॉड्यूल की रणनीति को लेकर मनमुटाव
- और—सबसे अहम—व्यक्तिगत ईगो क्लैश
एजेंसियों को संदेह है कि इन्हीं झगड़ों का फायदा उठाकर किसी तीसरे गुट ने ब्लास्ट की साजिश को आगे बढ़ाया।
दिल्ली कार ब्लास्ट: पांच बड़े खुलासे
जांच में अब तक यह बातें सामने आ चुकी हैं:
- कार ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ IED विदेश से तैयार रूप में भेजा गया था
- मॉड्यूल के दो डॉक्टरों के बीच लंबे समय से मनमुटाव था
- ब्लास्ट का टारगेट बदल दिया गया था—क्यों, यह सामने नहीं आया
- एक सदस्य ने गुपचुप तरीके से दूसरी टीम से संपर्क किया
- धमाके से पहले कई फर्जी पासपोर्ट और डिजिटल ट्रेल मिले
NIA जल्द ही इस मामले में नई चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

एजेंसियों की बड़ी चिंता: कहीं यह ‘फूट’ किसी बड़े हमले की शुरुआत तो नहीं?
खुफिया एजेंसियों को यह पता लगाने की कोशिश है कि अनबन स्वाभाविक थी या किसी बड़ी वैश्विक आतंकी संगठन की योजनाबद्ध रणनीति का हिस्सा।
अगर यह जानबूझकर किया गया बिखराव था, तो इसका मतलब है कि एक बड़ा नेटवर्क भारत में सक्रिय है।
निष्कर्ष
दिल्ली कार ब्लास्ट केस अब सिर्फ एक आतंकी हमला नहीं, बल्कि एक जटिल मॉड्यूल की अंदरूनी राजनीति में बदल चुका है।
डॉ. आदिल और डॉ. उमर की अनबन ने जांच को नया मोड़ दे दिया है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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