IND vs SA 2nd Test – भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही टेस्ट सीरीज़ में ऐसा नज़ारा देखने को मिल रहा है, जो पिछले 30 सालों में कभी नहीं हुआ। दूसरे टेस्ट में भी टीम इंडिया की स्थिति बेहद खराब दिखाई दे रही है और मैच एकतरफा दक्षिण अफ्रीका की तरफ झुक गया है। ऐसे में टीम इंडिया पर पहली बार दक्षिण अफ्रीका के हाथों क्लीन स्वीप का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
सीरीज़ की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में बुरी तरह संघर्ष कर रही हैं। पहला टेस्ट हारने के बाद उम्मीद थी कि भारत दूसरे टेस्ट में वापसी करेगा, लेकिन शुरुआती हालात ने भारतीय फैंस की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
भारतीय बल्लेबाज़ फिर फ्लॉप, टॉप ऑर्डर ध्वस्त
दूसरे टेस्ट में भी भारतीय टॉप ऑर्डर दक्षिण अफ्रीका की तेज़ गेंदबाज़ी के सामने ढह गया। पिच पर उछाल और सीम मूवमेंट ने भारत को लगातार परेशान किया। ओपनर्स की जल्दी वापसी के बाद मिडिल ऑर्डर भी संघर्ष करता नजर आया।
भारतीय टीम जिस तरह शुरुआत में ही लड़खड़ा गई, उसने मैच का रुख लगभग तय कर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय बल्लेबाज़ विदेशी पिचों पर लगातार एक ही गलती दोहरा रहे हैं—बॉल को देर से खेलने के बजाय पहले खेलने की कोशिश, जिससे एज और विकेट देने की संभावना बढ़ती है।
गेंदबाज़ों का असर कम, दक्षिण अफ्रीका ने दिखाया दबदबा
पिछले कई दौरों में भारतीय तेज गेंदबाज़ी भारत की सबसे बड़ी ताकत रही है, लेकिन इस बार दक्षिण अफ्रीका ने उस बढ़त को भी खत्म कर दिया है।
दूसरे टेस्ट में भारतीय गेंदबाज शुरुआती सफलता नहीं दिला सके, जबकि मेजबान टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर मैच को कंट्रोल कर लिया।
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने विदेशी पिचों पर शांति से खेलते हुए भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
30 साल में पहली बार क्लीन स्वीप का खतरा
इतिहास गवाह है कि दक्षिण अफ्रीका की सरज़मीं पर खेलना हमेशा कठिन रहा है, लेकिन पिछले 30 वर्षों में भारत कभी भी टेस्ट सीरीज़ में क्लीन स्वीप नहीं हुआ।
इस बार परिस्थितियाँ और आंकड़े दोनों बता रहे हैं कि यह शर्मनाक रिकॉर्ड टूट सकता है।
पहला टेस्ट एकतरफा हारने और दूसरे टेस्ट में भी संघर्ष की स्थिति ने भारतीय टीम मैनेजमेंट चिंता में डाल दिया है।
कप्तान पर बढ़ा दबाव, टीम रणनीति पर उठ रहे सवाल
भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन चयन से लेकर रणनीति तक सवालों के घेरे में है।
कुछ दिग्गजों का कहना है कि भारत ने टीम कॉम्बिनेशन को सही तरीके से नहीं चुना।
वहीं कई पूर्व क्रिकेटर मानते हैं कि युवा खिलाड़ियों को मौका न देना और गलत बैटिंग ऑर्डर भी भारत को भारी पड़ा है।

फैंस में निराशा, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू
भारतीय फैंस टीम के प्रदर्शन से बेहद निराश हैं। सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जिनमें टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं। कई उपयोगकर्ता इसे पिछले कई वर्षों में भारत का सबसे कमजोर विदेशी दौरा बता रहे हैं।
तीसरा टेस्ट होगा ‘डू ऑर डाई’
अगर भारत दूसरा टेस्ट भी हारता है, तो तीसरा टेस्ट सिर्फ प्रतिष्ठा बचाने का मैच होगा।
क्लीन स्वीप से बचने के लिए भारत को तीसरे टेस्ट में हर हाल में मजबूत वापसी करनी होगी।
फैंस को अब भी उम्मीद है कि टीम इंडिया विदेशी पिचों पर अपने रिकॉर्ड को बचाते हुए कम से कम एक जीत दर्ज करेगी।
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