H-1B वीजा पर ट्रंप का नया नियम, सिर्फ एक बार फीस वसूली पर अमेरिका की सफाई

H-1B वीजा पर ट्रंप का नया नियम, सिर्फ एक बार फीस वसूली पर अमेरिका की सफाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हाल ही में H-1B वीजा नियमों में बड़े बदलाव का ऐलान किया था, जिसके बाद भारतीय पेशेवरों और आईटी सेक्टर में चिंता बढ़ गई थी। अब अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि नया नियम सिर्फ नए वीजा आवेदनों पर लागू होगा और इसमें फीस केवल एक बार ही ली जाएगी।

क्या है नया नियम?

  • ट्रंप प्रशासन ने पिछले हफ्ते कहा था कि H-1B वीजा फीस 10 गुना तक बढ़ाई जाएगी।
  • इस ऐलान के बाद भारत समेत कई देशों में हलचल मच गई।
  • अब अमेरिकी सरकार ने कहा है कि यह बढ़ी हुई फीस पुराने या पहले से वैध वीजा धारकों पर लागू नहीं होगी।
  • नया शुल्क केवल नए आवेदनकर्ताओं से वसूला जाएगा और वह भी एक बार ही।

भारत क्यों चिंतित था?

  • भारत से हर साल हजारों आईटी प्रोफेशनल्स H-1B वीजा के जरिए अमेरिका जाते हैं।
  • वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स पर पड़ सकता था।
  • माना जा रहा था कि इस फैसले से भारतीय प्रतिभाओं का अमेरिका जाना कठिन हो जाएगा।

अमेरिका की सफाई

  • अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि नियम को गलत तरीके से समझा जा रहा है।
  • उन्होंने कहा कि फीस में बढ़ोतरी का उद्देश्य वीजा प्रोसेसिंग सिस्टम को मजबूत करना और फ्रॉड रोकना है।
  • अमेरिका ने भरोसा दिलाया कि भारतीय पेशेवरों की भूमिका और योगदान को वे समझते हैं।

भारत की प्रतिक्रिया

  • भारत सरकार ने इस मुद्दे पर औपचारिक तौर पर अमेरिका से अपनी चिंता जताई थी।
  • वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि भारत अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करेगा।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की सफाई से अब भारतीय आईटी कंपनियों को कुछ राहत मिलेगी।

आर्थिक असर

  • अगर यह नियम पुराने वीजा धारकों पर लागू होता तो भारतीय कंपनियों को अरबों रुपये का बोझ उठाना पड़ता।
  • केवल एक बार फीस लिए जाने से कंपनियों को लंबे समय तक फायदा मिलेगा।
  • इससे अमेरिकी आईटी इंडस्ट्री में भी कुशल कर्मचारियों की कमी नहीं होगी।

निष्कर्ष

ट्रंप प्रशासन के नए H-1B वीजा नियमों पर आई सफाई से भारतीय प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत मिली है। अब यह साफ है कि बढ़ी हुई फीस केवल नए आवेदकों पर और वह भी एक बार ही लागू होगी। हालांकि, आने वाले समय में अमेरिका की इमीग्रेशन पॉलिसी किस दिशा में जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

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