IND vs PAK : क्रिकेट को हमेशा से “जेंटलमैन गेम” कहा जाता है, लेकिन जब इसमें राजनीति और कट्टरपंथी सोच घुसपैठ करती है, तो यह खेल अपनी मूल भावना से भटक जाता है। ऐसा ही मामला तब सामने आया जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान आगा ने कथित तौर पर यह ऐलान किया कि उनकी टीम भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से मिलने वाली मैच फीस आतंकियों और उनके परिवारों को दान करेगी। इस बयान ने न केवल खेल जगत बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल मचा दी है।
कप्तान आगा का विवादित बयान
पाकिस्तान के कप्तान आगा ने मीडिया से बातचीत में कथित तौर पर कहा,
“हमारी टीम की मैच फीस आतंक के रास्ते पर शहीद हुए भाइयों के परिवारों को जाएगी। मसूद अजहर जैसे बड़े नामों ने पाकिस्तान की खातिर कुर्बानी दी है और उनकी विरासत को सम्मान देना हमारा कर्तव्य है।”
इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने तुरंत इस पर नाराजगी जताई और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से शिकायत दर्ज कराई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- भारत: भारतीय खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने इस बयान को पाकिस्तान की असलियत बताते हुए सख्त शब्दों में आलोचना की।
- ICC: क्रिकेट की वैश्विक संस्था ICC पर दबाव है कि वह इस मामले में तुरंत कदम उठाए और पाक खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
- दुनिया के अन्य देश: ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसे क्रिकेटिंग देशों में भी इस बयान की निंदा हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खेल को आतंक से जोड़ दिया जाएगा, तो यह क्रिकेट के भविष्य के लिए खतरनाक होगा।
भारत-पाक मैच और बढ़ी संवेदनशीलता
भारत और पाकिस्तान के बीच हर मुकाबला सिर्फ खेल नहीं बल्कि भावनाओं की जंग होता है। करोड़ों दर्शक इसे देखना चाहते हैं और खिलाड़ी मैदान पर पूरा दमखम झोंकते हैं। लेकिन पाकिस्तान टीम के इस ऐलान ने खेल की भावना को चोट पहुंचाई है।
- भारत के खिलाड़ियों ने साफ कहा कि क्रिकेट का इस्तेमाल प्रोपेगेंडा के लिए नहीं होना चाहिए।
- प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर हैशटैग #BanPakTeam चलाकर पाकिस्तान के क्रिकेट पर बैन लगाने की मांग की।
मसूद अजहर का नाम क्यों विवादित है?
मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक है, जिसे भारत और अमेरिका समेत कई देशों ने वैश्विक आतंकी घोषित किया है।
- 2001 संसद हमले में उसका हाथ माना जाता है।
- 2016 पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 पुलवामा हमले जैसे बड़े आतंकी घटनाओं में उसका संगठन शामिल रहा है।
ऐसे आतंकी का नाम लेकर पाक टीम का समर्थन करना इस बात को साबित करता है कि खेल और आतंक पाकिस्तान में अलग-अलग नहीं हैं।
क्या होगी कार्रवाई?
- BCCI का दबाव: भारतीय बोर्ड ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है और ICC को साफ चेतावनी दी है कि अगर पाक टीम पर कार्रवाई नहीं हुई तो भारत टूर्नामेंट से हटने पर भी विचार कर सकता है।
- ICC का रुख: ICC नियमों के तहत किसी भी खिलाड़ी या टीम को खेल का इस्तेमाल राजनीतिक या कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के लिए करने की अनुमति नहीं है।
- संभावित सजा: पाकिस्तान टीम पर जुर्माना, कप्तान आगा पर बैन और यहां तक कि पूरे टूर्नामेंट से बाहर करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
सोशल मीडिया पर बवाल
पाक कप्तान आगा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स जमकर भड़के।
- एक यूज़र ने लिखा – “क्रिकेट नहीं, आतंक का फंडिंग शो है ये!”
- दूसरे ने लिखा – “#BanPakTeam अब सिर्फ ट्रेंड नहीं, ज़रूरत है।”
- कई भारतीय फैंस ने ट्वीट किया कि यह खेल की आत्मा के खिलाफ है।
- कुछ विदेशी यूज़र्स ने भी व्यंग्य करते हुए लिखा – “पाकिस्तान के लिए क्रिकेट मैदान अब नया लॉन्च पैड बन गया है।
निष्कर्ष
IND vs PAK: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान आगा का यह विवादित बयान क्रिकेट की आत्मा पर चोट जैसा है। खेल का मंच हमेशा शांति, भाईचारे और प्रतिस्पर्धा का प्रतीक होना चाहिए, न कि आतंक और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का जरिया।
भारत समेत दुनिया के क्रिकेटप्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि ICC इस मामले में जल्द और कड़ी कार्रवाई करेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो क्रिकेट का भविष्य सवालों के घेरे में आ जाएगा।
यह भी पढ़ें: भारत को दुरुस्त करने की जरूरत… ट्रंप की शर्तें गिनाए US मंत्री












Leave a Reply