पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी किरकिरी झेल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में उनके भाषण के दौरान ऐसा वाकया हुआ जिसने पाकिस्तान की वैश्विक साख पर गहरा धक्का लगाया। सूत्रों के मुताबिक, उनके भाषण के दौरान कथित तौर पर तकनीकी गड़बड़ी और डाटा मैनिपुलेशन के आरोप लगे, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल जांच बैठा दी। यह मामला पाकिस्तान की छवि को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला खड़ा करता है।
शहबाज शरीफ का भाषण और विवाद
शहबाज शरीफ 79वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से बोल रहे थे।
- अपने भाषण में उन्होंने कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश की और भारत पर आरोप लगाए।
- लेकिन भाषण के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग और ट्रांसक्रिप्शन सिस्टम में गड़बड़ी सामने आई।
- बताया जा रहा है कि भाषण के कुछ अंशों को एडिट किया गया और आधिकारिक वेबसाइट पर डाले गए टेक्स्ट में असली बयान से अंतर पाया गया।
यही नहीं, जैसे ही यह मामला सामने आया, भारत समेत कई देशों ने UNGA से जवाब मांगा।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
- संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने साफ कहा कि यह एक “गंभीर मामला” है और इसकी जांच होगी।
- UN ने तकनीकी टीम गठित की है जो यह देखेगी कि आखिर भाषण की लाइव स्ट्रीमिंग में छेड़छाड़ कैसे हुई।
- अगर किसी देश की तरफ से जानबूझकर हेरफेर पाया गया तो उस पर कार्रवाई भी हो सकती है।
पाकिस्तान की ‘लाज’ क्यों गई?
- पाकिस्तान के नेता अक्सर UNGA मंच का इस्तेमाल कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए करते हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
- इस बार भाषण में गड़बड़ी ने पाकिस्तान को और ज्यादा शर्मसार कर दिया।
- विपक्षी पार्टियों ने शहबाज सरकार पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की “इज्जत का कबाड़ा” कर दिया गया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने इस पूरे मामले को गंभीरता से उठाया।
- भारतीय डिप्लोमैट्स ने कहा कि यह साबित करता है कि पाकिस्तान “अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी झूठ और हेरफेर की राजनीति” करता है।
- भारत ने UNGA से मांग की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- अमेरिकी और यूरोपीय डेलिगेट्स ने भी इस घटना को “अनप्रोफेशनल” और “अभूतपूर्व” बताया।
- कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला पाकिस्तान को डिप्लोमैटिक आइसोलेशन की ओर ले जा सकता है।
- कतर, तुर्की और चीन जैसे पाकिस्तान के करीबी देशों ने अभी तक इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
पाकिस्तान के लिए क्या मायने रखता है यह विवाद?
- पहले ही आर्थिक संकट, IMF के दबाव और आतंरिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह घटना डिप्लोमैटिक झटका है।
- UNGA में जांच बैठने का मतलब है कि पाकिस्तान का नाम आधिकारिक रिकॉर्ड में इस मामले से जुड़ जाएगा।
- इसका असर आने वाले कूटनीतिक समझौतों और सहायता पैकेज पर भी पड़ सकता है।
निष्कर्ष
UNGA के मंच पर हुई यह घटना पाकिस्तान के लिए एक और बड़ी शर्मिंदगी बन गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का मकसद था कि दुनिया का ध्यान भारत के खिलाफ मोड़ा जाए, लेकिन उल्टा पाकिस्तान की ही “लanka” लग गई। अब संयुक्त राष्ट्र की जांच यह साफ करेगी कि यह तकनीकी गलती थी या फिर जानबूझकर किया गया
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