डोनाल्ड ट्रंप ने बताया गाजा प्लान पर मोदी का समर्थन ऐतिहासिक कदम

डोनाल्ड ट्रंप ने बताया गाजा प्लान पर मोदी का समर्थन ऐतिहासिक कदम

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाजा प्लान को दिए गए समर्थन की जमकर तारीफ की है। ट्रंप ने इसे न सिर्फ एक “ऐतिहासिक कदम जनीति का “गेमचेंजर” साबित हो सकता है। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर दुनिया की नज़र भारत की बढ़ती हुई वैश्विक भूमिका पर टिकाई है।

गाजा प्लान क्या है और क्यों अहम है?

गाजा प्लान मूल रूप से मध्य पूर्व में जारी लंबे समय से चले आ रहे इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की एक कोशिश है। दशकों से गाजा पट्टी (Gaza Strip) हिंसा, युद्ध और अस्थिरता का केंद्र रही है। यहां हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों विस्थापित हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय कई बार शांति समझौते कराने की कोशिश कर चुका है लेकिन सफलता सीमित रही है।

ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका ने भी शांति बहाल करने की योजना पर काम किया था, जिसे अब नए सिरे से आगे बढ़ाने की चर्चा है। इसी प्लान पर भारत ने अपना समर्थन जताया है।

मोदी का स्टैंड क्यों खास है?

भारत ने हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर “संतुलन” की नीति अपनाई है। इजरायल और फिलिस्तीन दोनों देशों से भारत के लंबे समय से मजबूत रिश्ते रहे हैं। भारत ने फिलिस्तीन के स्वतंत्र राष्ट्र की मांग का समर्थन किया है, वहीं इजरायल के साथ रक्षा, कृषि और तकनीकी सहयोग भी लगातार बढ़ाया है।

मोदी सरकार द्वारा गाजा प्लान का समर्थन इस बात का संकेत है कि भारत अब सिर्फ “निष्क्रिय दर्शक” नहीं बल्कि एक “सक्रिय खिलाड़ी” की भूमिका में आ रहा है। यह समर्थन इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत का रुख अरब देशों और पश्चिमी देशों दोनों के लिए मायने रखता है।

ट्रंप ने मोदी को बताया ‘गेमचेंजर लीडर’

डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा:
“प्रधानमंत्री मोदी का यह फैसला सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए ऐतिहासिक है। गाजा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भारत का समर्थन दिखाता है कि मोदी एक गेमचेंजर लीडर हैं। उनकी सोच और निर्णय क्षमता वैश्विक राजनीति को नई दिशा दे सकती है।”

ट्रंप का यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि मोदी की छवि अब एक “वैश्विक समस्या समाधानकर्ता” के रूप में बन रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका

बीते एक दशक में भारत ने कूटनीति के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है।

  • रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने दोनों पक्षों से संवाद बनाए रखा।
  • G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने “Global South” की आवाज़ को दुनिया तक पहुँचाया।
  • क्लाइमेट चेंज, आतंकवाद और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर भारत का रुख निर्णायक रहा है।

गाजा प्लान पर मोदी का समर्थन इस ट्रेंड को और मजबूत करता है।

विशेषज्ञों की राय

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मानते हैं कि मोदी का यह कदम “सिर्फ एक कूटनीतिक बयान” नहीं बल्कि भारत की “रणनीतिक सोच” का हिस्सा है।

  • इससे भारत की छवि एक शांति समर्थक राष्ट्र के रूप में मजबूत होगी।
  • अरब देशों के साथ भारत के आर्थिक रिश्ते और गहरे होंगे।
  • अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों में भारत की कूटनीतिक साख और बढ़ेगी।

मध्य पूर्व की राजनीति में असर

मध्य पूर्व लंबे समय से तेल, गैस और सामरिक महत्व के कारण पूरी दुनिया के लिए अहम रहा है। यहां किसी भी बड़े बदलाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। गाजा प्लान की सफलता से:

  1. हिंसा और आतंकवाद में कमी आ सकती है।
  2. अरब देशों और इजरायल के रिश्तों में सुधार हो सकता है।
  3. भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने में फायदा होगा।

भारत की ऊर्जा और आर्थिक रणनीति

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। पश्चिम एशिया से भारत को तेल और गैस का बड़ा हिस्सा मिलता है। गाजा क्षेत्र में स्थिरता आने का मतलब है कि भारत की ऊर्जा जरूरतें बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकेंगी। यही कारण है कि मोदी सरकार के लिए यह समर्थन न केवल कूटनीतिक बल्कि आर्थिक रणनीति का हिस्सा भी है।

ट्रंप- मोदी रिश्तों की झलक

ट्रंप और मोदी के रिश्ते पहले भी चर्चा में रहे हैं। “Howdy Modi” और “Namaste Trump” जैसे कार्यक्रमों में दोनों नेताओं ने खुलकर एक-दूसरे की तारीफ की थी। ट्रंप के नए बयान से साफ है कि उनके लिए मोदी आज भी एक भरोसेमंद वैश्विक नेता हैं।

विपक्षी नजरिया और आलोचना

कुछ आलोचकों का मानना है कि भारत को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सीधे तौर पर शामिल होने से बचना चाहिए। उनका तर्क है कि गाजा जैसे जटिल संघर्ष में पक्ष लेने से भारत के कुछ देशों से रिश्ते बिगड़ सकते हैं। हालांकि, समर्थकों का मानना है कि यही सही समय है जब भारत अपनी वैश्विक नेतृत्व क्षमता दिखा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ

  • अमेरिका: ट्रंप के बयान ने वहां की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मोदी की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा।
  • अरब देश: मोदी का यह समर्थन उनके लिए सकारात्मक संदेश है। यह दिखाता है कि भारत उनकी चिंताओं को समझता है।
  • इजरायल: इजरायल के लिए भारत का समर्थन एक भरोसे की तरह है क्योंकि दोनों देशों के रिश्ते पहले से मजबूत हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि गाजा प्लान को सफलता मिलती है, तो भारत इसके पीछे एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में याद किया जाएगा। यह भारत को:

  1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी वैश्विक संस्थाओं में और प्रभावशाली बनाएगा।
  2. भारत की दावेदारी को मजबूत करेगा कि वह भविष्य में एक स्थायी सदस्य बन सकता है।
  3. भारत को पश्चिम एशिया में एक विश्वसनीय शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।

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