महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का पारा चरम पर है। डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर ऐसा हमला बोला है, जिसने सियासी हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। शीतकालीन सत्र के आखिरी हफ्ते में सदन के भीतर बोलते हुए एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को फिल्मी अंदाज़ में ‘धुरंधर’ फिल्म के विलेन ‘रहमान डकैत’ से जोड़ दिया और आरोप लगाया कि “मुंबई का खजाना लूटने वाला वही रहमान डकैत है।”
शिंदे का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब राज्य में आगामी नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज़ हो चुकी है। बयान के जरिए शिंदे ने न सिर्फ विपक्ष पर हमला बोला, बल्कि महायुति की जीत का दावा भी ठोक दिया।
सदन में उठा ‘रहमान डकैत’ का नाम, इशारा सीधे उद्धव ठाकरे की ओर
महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक प्रस्ताव पर जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने सवालिया लहजे में कहा—
“मुंबई का खजाना लूटने वाला रहमान डकैत कौन है?”
हालांकि उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर उद्धव ठाकरे की ओर था। शिंदे ने कहा कि जिस तरह फिल्म धुरंधर में विलेन रहमान डकैत को हराया जाता है, उसी तरह आने वाले नगर निगम चुनावों में महायुति इस ‘रहमान डकैत’ को दफन कर असली धुरंधर बनेगी।
इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष की ओर से जोरदार तालियां बजीं, जबकि विपक्षी खेमे में खलबली मच गई।

फिल्मी संदर्भ से सियासी वार
एकनाथ शिंदे ने जिस ‘रहमान डकैत’ का जिक्र किया, वह हालिया फिल्म धुरंधर का खलनायक है, जिसका किरदार अभिनेता अक्षय खन्ना ने निभाया है। फिल्म में नायक रणवीर सिंह अंततः रहमान डकैत को पराजित करता है।
शिंदे ने इसी कहानी को महाराष्ट्र की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह फिल्म में बुराई का अंत होता है, उसी तरह मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में भी “लूट और भ्रष्टाचार” करने वालों का अंत होगा।
“विपक्ष के पास आरोपों के सिवा कुछ नहीं” – शिंदे
अपने भाषण के दौरान डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“हमने विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का धमाका जारी रखा है। दूसरी ओर विपक्ष के पास बेबुनियाद आरोप लगाने के अलावा कोई काम नहीं बचा है।”
शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता सिर्फ औपचारिकता निभाने नागपुर आते हैं—
“उनकी हालत आज आना और कल जाना जैसी है। वे सेशन में आते हैं, लेकिन न सवाल पूछते हैं, न ही किसी मुद्दे पर बोलते हैं। इससे साफ होता है कि उन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।”
उद्धव ठाकरे पर बड़ा आरोप: डिप्टी सीएम का पद खत्म करना चाहते थे
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया के जरिए डिप्टी चीफ मिनिस्टर का पद खत्म करने की मांग की थी।
शिंदे ने कहा,
“उद्धव ठाकरे यह भूल गए कि जब उन्होंने खुद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब उनकी कैबिनेट में भी उप मुख्यमंत्री का पद था। आज जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो मेरे प्रति उनकी बेचैनी और चिढ़ का नतीजा हैं।”
“हमने मुंबई के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए” – शिंदे का पलटवार
उद्धव ठाकरे पर आरोपों के जवाब में एकनाथ शिंदे ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने मुंबई और मुंबईकरों के लिए ऐसे फैसले लिए हैं, जो पहले कभी नहीं हुए।
शिंदे सरकार के प्रमुख दावे:
- 20,000 नॉन-OC बिल्डिंग्स को बड़ी राहत
- मुंबई को पगड़ी-मुक्त बनाने का फैसला, जिससे 13,000 इमारतों के रीडेवलपमेंट का रास्ता साफ
- नेशनल पार्क क्षेत्र में रहने वाले 25,000 कर्मचारियों को 5 किलोमीटर के दायरे में घर देने की योजना
- मुंबई की मिल लैंड रीडेवलपमेंट नीति में बदलाव
- CIDCO द्वारा घरों की कीमतों में 10% की कटौती
- 50 एकड़ से बड़े प्लॉट्स पर क्लस्टर रीडेवलपमेंट स्कीम
शिंदे ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में 17 प्रोजेक्ट चुने गए हैं, जिससे आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
बालासाहेब ठाकरे के सपने का हवाला
अपने भाषण में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के संस्थापक हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा,
“बालासाहेब ठाकरे का सपना था कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को पक्का घर मिले। हम उनके इस सपने को पूरा कर रहे हैं।”
शिंदे ने बताया कि 23 जनवरी से शुरू हो रहे बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर इस योजना की शुरुआत कर, सरकार ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
नगर निगम चुनाव से पहले सियासी तापमान हाई
एकनाथ शिंदे के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक आगामी नगर निगम चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होगी।
शिंदे का ‘रहमान डकैत’ वाला बयान साफ संकेत देता है कि महायुति चुनावी मैदान में आक्रामक रणनीति के साथ उतरने वाली है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच टकराव अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक और भावनात्मक भी हो गया है। ‘रहमान डकैत’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि आने वाले दिनों में सियासी बयानबाज़ी और भी तीखी हो सकती है।
अब देखना यह होगा कि शिंदे के इस तीखे हमले पर उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी किस तरह जवाब देती है और क्या यह बयान नगर निगम चुनावों में कोई बड़ा असर डाल पाता है या नहीं।
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