Silver Rate Today: सोमवार को चांदी में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है। 29 दिसंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने पहली बार 2 लाख 50 हजार रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर लिया। इस जबरदस्त उछाल ने न सिर्फ निवेशकों को चौंकाया है, बल्कि बाजार में हलचल भी मचा दी है।
जिस तरह सोने की कीमतें पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रही हैं, अब उसी राह पर चांदी भी तेजी से आगे बढ़ती नजर आ रही है। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। कुछ समय के लिए तो चांदी के भाव 80 डॉलर प्रति औंस के पार तक पहुंच गए थे।
MCX पर चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू फ्यूचर मार्केट में चांदी ने रॉकेट जैसी तेजी दिखाई। MCX पर 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर
- ओपनिंग: ₹2,47,194 प्रति किलो
- पिछला बंद: ₹2,39,787 प्रति किलो
- सुबह 10 बजे: ₹2,48,982 प्रति किलो
- दिन का हाई लेवल: ₹2,54,174 प्रति किलो
यानी सिर्फ एक कारोबारी सत्र में ही चांदी की कीमतों में करीब 9,200 रुपये की उछाल देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही चांदी ने 2.50 लाख रुपये का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया, जिसने बाजार में हलचल बढ़ा दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी मिला सपोर्ट
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी कुछ समय के लिए 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चली गई थी। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाद में इसमें हल्की गिरावट जरूर आई, लेकिन ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का असर सीधे भारतीय MCX पर भी देखने को मिल सकता है।
आखिर चांदी में इतनी तेजी क्यों?
अब सवाल यह उठता है कि अचानक चांदी की कीमतों में ऐसी तूफानी तेजी क्यों देखने को मिल रही है? इसके पीछे कई बड़े कारण हैं—
1. इंडस्ट्रियल डिमांड में जबरदस्त उछाल
चांदी अब सिर्फ गहनों या निवेश तक सीमित नहीं रह गई है।
- सोलर पैनल
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
जैसे हाई-टेक सेक्टर्स में चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है। मौजूदा समय में दुनिया की करीब 60% चांदी की मांग इंडस्ट्रियल सेक्टर से आ रही है, जिसने कीमतों को मजबूती दी है।
2. उत्पादन और मांग के बीच बढ़ता अंतर
चांदी के उत्पादन में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी होनी चाहिए, वह नहीं हो पा रही है। वहीं दूसरी ओर, मांग लगातार बढ़ रही है।
- माइनिंग प्रोजेक्ट्स में देरी
- लागत बढ़ना
- सप्लाई चेन में बाधाएं
इन सभी वजहों से डिमांड-सप्लाई गैप बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है।
3. डॉलर की कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर में कमजोरी भी चांदी की तेजी की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो कीमती धातुएं निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाती हैं।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट के चलते विदेशी निवेशक चांदी और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
4. अमेरिकी फेड के संकेत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत भी बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं।
- ब्याज दरें घटने की उम्मीद
- सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
- महंगाई से बचाव की रणनीति
इन सबका फायदा सीधे तौर पर चांदी और सोने को मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी में मौजूदा तेजी लॉन्ग टर्म ट्रेंड का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का खतरा भी बना रहेगा।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि—
- जल्दबाजी में निवेश न करें
- गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाएं
- अपने रिस्क प्रोफाइल के अनुसार निवेश करें
आगे क्या 3 लाख तक पहुंचेगी चांदी?
अब बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या चांदी आने वाले समय में 3 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर भी छू सकती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर—
- इंडस्ट्रियल डिमांड बनी रहती है
- डॉलर में कमजोरी जारी रहती है
- फेड की ओर से दरों में कटौती होती है
तो चांदी के दाम आने वाले महीनों में और नए रिकॉर्ड बना सकते हैं।
निष्कर्ष
Silver Rate Today की यह तेजी सिर्फ एक दिन की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत ग्लोबल और घरेलू फैक्टर काम कर रहे हैं। चांदी ने 2.50 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में यह निवेशकों की पहली पसंद बन सकती है।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन फिलहाल चांदी की चमक निवेशकों की आंखें चौंधिया रही है।
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