Donald Trump Latest News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ऐसा दावा किया है, जिसने न सिर्फ अमेरिकी राजनीति बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सिर्फ 10 महीनों के भीतर दुनिया के 8 बड़े युद्ध खत्म कराए, और इसके पीछे उनकी सबसे बड़ी ताकत रही—टैरिफ नीति।
79 वर्षीय ट्रंप ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, “टैरिफ मेरा फेवरेट शब्द है। यह सिर्फ आर्थिक हथियार नहीं, बल्कि कूटनीति का सबसे मजबूत औजार है।” उनके इस बयान को आगामी 2026 एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां ट्रंप खुद को एक मजबूत और निर्णायक नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश में जुटे हैं।
“टैरिफ से खत्म हुए युद्ध”, ट्रंप का बड़ा दावा
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई बड़े टकराव उनकी नीतियों की वजह से रुके। उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं बताया कि कौन-कौन से युद्ध खत्म हुए, लेकिन इशारों में मिडिल ईस्ट, गाजा, ईरान और कुछ एशियाई क्षेत्रों का जिक्र किया।
ट्रंप के मुताबिक, टैरिफ ने अमेरिका को एक ऐसी स्थिति में खड़ा कर दिया, जहां दूसरे देश दबाव में आकर बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा,
“जब आप आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, तो गोलियां चलाने की जरूरत नहीं पड़ती। टैरिफ से ही हमने कई देशों को झुकाया।”
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का एक वर्ग ट्रंप के इन दावों को राजनीतिक बयानबाज़ी बता रहा है और कह रहा है कि कई संघर्ष अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
2026 एजेंडे में गिनाईं उपलब्धियां
ट्रंप ने अपने भाषण में 2026 के एजेंडे को सामने रखते हुए खुद की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त गिनाई। उन्होंने दावा किया कि—
- ईरान के परमाणु खतरे को प्रभावी ढंग से रोका गया
- गाजा में चल रहा संघर्ष थमा और शांति बहाल हुई
- बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की गई, चाहे वे जीवित हों या मृत
ट्रंप ने कहा कि ये फैसले आसान नहीं थे, लेकिन अमेरिका के हित में कड़े कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछली सरकारों में अमेरिका कमजोर दिखता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
महंगाई पर चुप्पी, टैरिफ से कमाई पर जोर
जहां अमेरिका में महंगाई और आयातित सामान की कीमतें आम लोगों की चिंता बनी हुई हैं, वहीं ट्रंप ने अपने भाषण में इस मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं की। इसके उलट, उन्होंने जोर देकर कहा कि टैरिफ से अमेरिका को रिकॉर्ड राजस्व मिला है।
ट्रंप के मुताबिक,
- टैरिफ से घरेलू उद्योगों को फायदा हुआ
- विदेशी कंपनियों पर दबाव बना
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई
उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी द्वारा लाए गए टैक्स कटौती कानूनों की भी तारीफ की और कहा कि इससे कारोबारियों और मिडिल क्लास को राहत मिली है।
कई देशों पर लगाया गया टैरिफ
अपने कार्यकाल के दौरान ट्रंप प्रशासन ने कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाए। ट्रंप का तर्क है कि इन फैसलों से अमेरिकी कंपनियों को संरक्षण मिला और देश में रोजगार बढ़ा।
हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इन नीतियों से—
- वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ा
- सप्लाई चेन प्रभावित हुई
- आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ पड़ा
इसके बावजूद ट्रंप अपने फैसलों पर अडिग नजर आए और बोले कि “अमेरिका फर्स्ट” उनकी नीति की रीढ़ है।
लोकप्रियता में गिरावट, लेकिन तेवर बरकरार
हालिया सर्वे में सामने आया है कि अमेरिकी जनता का एक बड़ा वर्ग ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन से संतुष्ट नहीं है। इसके बावजूद ट्रंप ने अपने भाषण में इन आंकड़ों का कोई जिक्र नहीं किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप अब भी अपने कोर वोटबैंक को साधने में लगे हैं और आक्रामक बयानबाज़ी उसी रणनीति का हिस्सा है।
बाइडेन और कमला हैरिस पर सीधा हमला
अपने संबोधन में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली, तब अमेरिका—
- आव्रजन संकट से जूझ रहा था
- महंगाई चरम पर थी
- सामाजिक तनाव बढ़ रहा था
ट्रंप ने इन सभी समस्याओं के लिए डेमोक्रेट सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अब वे हालात सुधारने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार की “कमजोर नीतियों” की कीमत अमेरिका को आज भी चुकानी पड़ रही है।
बयान या रणनीति?
ट्रंप के इस भाषण को सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। 2026 के चुनावी माहौल से पहले ट्रंप खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश कर रहे हैं—
- जो युद्ध रोक सकता है
- जो अर्थव्यवस्था संभाल सकता है
- और जो बिना झुके फैसले ले सकता है
लेकिन सवाल यही है कि क्या ट्रंप के ये दावे जमीनी हकीकत से मेल खाते हैं, या फिर यह सिर्फ चुनावी शोर है?
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान एक बार फिर साबित करता है कि वे विवादों और सुर्खियों में रहना जानते हैं। टैरिफ, युद्ध, बाइडेन पर हमला और 2026 का एजेंडा—सब कुछ एक ही भाषण में समेटकर ट्रंप ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति और ज्यादा गरमाने वाली है।
अब देखना होगा कि ट्रंप के ये दावे उन्हें राजनीतिक बढ़त दिलाते हैं या आलोचकों के सवाल और तेज हो जाते हैं।
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