UP Assembly Winter Session: लखनऊ से बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुक्रवार, 19 दिसंबर से शुरू हो गया, लेकिन पहले ही दिन सदन की कार्यवाही शोक प्रस्ताव के बाद सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। मऊ घोसी से समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर पूरे सदन ने शोक व्यक्त किया, जिसके बाद विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही रोक दी गई।
यह शीतकालीन सत्र 24 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट, वंदे मातरम पर विशेष चर्चा समेत कई अहम विधायी प्रस्तावों पर विचार किया जाना है।
सत्र के पहले दिन क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सियासी हलचल के बीच हुई। पहले दिन समाजवादी पार्टी के विधायक बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे, जिससे साफ संकेत मिला कि विपक्ष इस सत्र में सरकार को घेरने के पूरे मूड में है।
हालांकि, सत्र की शुरुआत से पहले ही घोसी विधानसभा सीट से सपा विधायक रहे सुधाकर सिंह के निधन की सूचना के चलते सदन में शोक प्रस्ताव रखा गया। सभी सदस्यों ने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद पहले दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण अब सदन की अगली बैठक सोमवार को होगी।
22 दिसंबर को पेश होगा अनुपूरक बजट
इस शीतकालीन सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट, जिसे 22 दिसंबर को सदन में पेश किया जाएगा।
सरकार के सूत्रों के मुताबिक, यह बजट
- विकास कार्यों
- बुनियादी ढांचे
- स्वास्थ्य और शिक्षा
- कानून-व्यवस्था
से जुड़े अहम प्रावधानों पर केंद्रित होगा।
इसी दिन वंदे मातरम विषय पर करीब 5 घंटे की विशेष चर्चा भी प्रस्तावित है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।
सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी का बयान
शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा—
“उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र प्रदेश की जनता के हितों और विकास से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी माननीय सदस्य अपने-अपने मुद्दे सदन में रखें, सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।”
कोडीन कफ सिरप तस्करी के मुद्दे पर सीएम योगी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि
“इस सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इस पूरे नेटवर्क से समाजवादी पार्टी के लोगों के संबंध सामने आए हैं।”
सीएम के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।
सपा विधायक ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचे विधानसभा
शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सपा विधायक जाहिद बेग ने अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराया। वे खराब वायु गुणवत्ता (AQI) के खिलाफ ऑक्सीजन सिलेंडर और AQI लिखे पोस्टर के साथ साइकिल पर विधानसभा पहुंचे।
उनका कहना था कि प्रदेश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठी है।
विपक्ष की सरकार को घेरने की पूरी तैयारी
शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। प्रमुख मुद्दे हैं—
- कोडीन कफ सिरप की तस्करी
- मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR)
- वंदे मातरम पर प्रस्तावित चर्चा
- कानून-व्यवस्था और महंगाई
समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर जनता से जुड़े हैं और सरकार को इन पर जवाब देना ही होगा।
सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
सत्र से एक दिन पहले गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई।
इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने
- सदन की कार्यवाही को शालीनता से चलाने
- संसदीय मर्यादा बनाए रखने
- और रचनात्मक चर्चा करने
का आश्वासन दिया।
हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जमीनी हकीकत में यह सत्र काफी हंगामेदार हो सकता है।
विधानसभा सत्र को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
शीतकालीन सत्र को देखते हुए लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
- भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
- PAC, फायर फाइटर्स और कमांडो की ड्यूटी
- विधानसभा रोड पर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर रोक
- शहर के कई इलाकों में रूट डायवर्जन लागू
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी जरूर ले लें।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र भले ही शोक प्रस्ताव के चलते पहले दिन स्थगित हो गया हो, लेकिन आने वाले दिन सियासी घमासान से भरपूर रहने वाले हैं। 22 दिसंबर को पेश होने वाला अनुपूरक बजट, वंदे मातरम पर लंबी चर्चा और विपक्ष के तेवर—ये सभी मिलकर इस सत्र को बेहद अहम बना देते हैं।
अब सबकी नजरें सोमवार से शुरू होने वाली कार्यवाही और सरकार-विपक्ष के बीच होने वाली टक्कर पर टिकी हैं।
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