Vaibhav Suryavanshi Record | 14 साल में 190 रन, विजय हजारे ट्रॉफी में मचाया तहलका

Vaibhav Suryavanshi Record | 14 साल में 190 रन, विजय हजारे ट्रॉफी में मचाया तहलका

Vaibhav Suryavanshi Record: भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर ऐसा कारनामा देखने को मिला है, जिसने फैंस से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक को हैरान कर दिया है। महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसकी चर्चा अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में भी हो रही है। रांची में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में बिहार के इस युवा ओपनर ने 84 गेंदों में 190 रन ठोककर इतिहास रच दिया।

इस विस्फोटक पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 15 छक्के और 16 चौके जड़ते हुए गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। खास बात यह रही कि उन्होंने महज 36 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, जो विजय हजारे ट्रॉफी के सबसे तेज शतकों में गिना जा रहा है। उनकी स्ट्राइक रेट 226.19 रही, जो वनडे फॉर्मेट में किसी तूफान से कम नहीं मानी जा सकती।

रांची में गूंजा वैभव-वैभव

अरुणाचल प्रदेश और बिहार के बीच यह मुकाबला रांची में खेला जा रहा है। बिहार की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और ओपनिंग की जिम्मेदारी वैभव सूर्यवंशी को सौंपी गई। इसके बाद जो हुआ, वह क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।

मैच की पहली ही गेंद से वैभव ने आक्रामक रुख अपना लिया। कवर ड्राइव, पुल शॉट, लॉन्ग ऑन और लॉन्ग ऑफ पर लगाए गए छक्कों ने स्टेडियम में बैठे दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और कोई भी गेंदबाजी योजना काम नहीं आई।

36 गेंदों में शतक, 84 में 190 – आंकड़े ही कहानी कह रहे हैं

वैभव सूर्यवंशी की इस पारी को अगर आंकड़ों में समझें तो यह और भी चौंकाने वाली लगती है।

  • रन: 190
  • गेंदें: 84
  • चौके: 16
  • छक्के: 15
  • स्ट्राइक रेट: 226.19

वनडे क्रिकेट में इस तरह की बल्लेबाजी आमतौर पर अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से देखने को मिलती है, लेकिन 14 साल की उम्र में ऐसा प्रदर्शन करना वैभव को बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

टीम इंडिया में डेब्यू के हकदार?

वैभव सूर्यवंशी की इस पारी के बाद सोशल मीडिया पर एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या वैभव अब टीम इंडिया में डेब्यू के हकदार हैं?

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि अगर कोई खिलाड़ी इतनी कम उम्र में घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अब विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार दमदार प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। वैभव न सिर्फ बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज हैं, बल्कि लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं, जो उन्हें एक उपयोगी ऑलराउंडर बनाती है।

IPL में पहले ही मचा चुके हैं तहलका

यह पहली बार नहीं है जब वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया को चौंकाया हो। इससे पहले IPL 2025 में उन्होंने ऐसा कारनामा किया था, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।

28 अप्रैल 2025 को गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मैच में वैभव ने सिर्फ 35 गेंदों में शतक ठोक दिया था। यह IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड है।

राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। वह IPL ऑक्शन में चुने गए अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी हैं।

कौन हैं वैभव सूर्यवंशी?

वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में हुआ था। उनका जन्म भारत की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत से कुछ दिन पहले हुआ था, और शायद तभी से क्रिकेट उनके भाग्य में लिखा था।

वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी खुद भी एक क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने ही अपने बेटे को क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं। वैभव ब्रायन लारा को अपना आदर्श मानते हैं और समय-समय पर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर से भी सलाह लेते रहते हैं।

12 साल की उम्र में रणजी डेब्यू

वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में फर्स्ट क्लास डेब्यू कर लिया था। इतनी कम उम्र में रणजी खेलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

अब विजय हजारे ट्रॉफी में उनका यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वैभव सिर्फ एक उभरता हुआ खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य हो सकते हैं।

क्रिकेट जगत में मची हलचल

वैभव सूर्यवंशी की इस पारी के बाद क्रिकेट एक्सपर्ट्स, पूर्व खिलाड़ी और फैंस सभी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। सोशल मीडिया पर उन्हें “नेक्स्ट सुपरस्टार”, “फ्यूचर ऑफ टीम इंडिया” और “छोटा पैकेट बड़ा धमाका” जैसे नाम दिए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

विजय हजारे ट्रॉफी में 190 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। आत्मविश्वास, तकनीक और आक्रामक सोच अगर सही हो, तो कोई भी रिकॉर्ड तोड़ा जा सकता है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता कब तक इस प्रतिभा को नजरअंदाज करते हैं। एक बात तय है—भारतीय क्रिकेट को एक नया हीरा मिल चुका है, और उसका नाम है वैभव सूर्यवंशी

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