Vijay Hazare Trophy: भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह वही पुरानी है, लेकिन अंदाज बिल्कुल नया—रनों की बरसात। विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में विराट कोहली का शानदार फॉर्म थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली और गुजरात के बीच खेले गए एलीट राउंड मुकाबले में कोहली ने सिर्फ 29 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़कर यह साबित कर दिया कि घरेलू क्रिकेट हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, उनका क्लास और भूख आज भी वैसी ही है।
यह पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी, बल्कि एक संदेश थी—विराट कोहली अभी खत्म नहीं हुए हैं।
पावरप्ले में ही बदला मैच का रुख
गुजरात के खिलाफ इस अहम मुकाबले में विराट कोहली ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। दिल्ली की पारी की कमान संभालते ही कोहली ने गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पावरप्ले के ओवरों में उन्होंने जिस तरह से शॉट्स की झड़ी लगाई, उससे गुजरात की रणनीति पूरी तरह से बिखर गई। कवर ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव और पुल शॉट—हर शॉट में विराट का पुराना अंदाज झलक रहा था।
इस विस्फोटक पारी में विराट ने
- 11 चौके
- 1 शानदार छक्का
लगाया और महज 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दर्शक दीर्घा में बैठे फैंस के लिए यह किसी ट्रीट से कम नहीं था।
लगातार छठी 50+ पारी, फॉर्म का बड़ा सबूत
इस अर्धशतक के साथ विराट कोहली ने लिस्ट-ए क्रिकेट में लगातार छठी बार 50 से ज्यादा रन बनाने का कारनामा कर दिखाया है। यह आंकड़ा सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि उनकी निरंतरता, फिटनेस और मानसिक मजबूती का प्रमाण है।
जहां कई खिलाड़ी उम्र के इस पड़ाव पर घरेलू क्रिकेट से दूरी बना लेते हैं, वहीं विराट कोहली घरेलू टूर्नामेंट में उतरकर न सिर्फ रन बना रहे हैं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी बन रहे हैं।
15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी
इस टूर्नामेंट की सबसे खास बात यह है कि विराट कोहली ने 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने आंध्र प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में शतक जड़कर ही साफ कर दिया था कि उनका इरादा सिर्फ खेलने का नहीं, बल्कि छाप छोड़ने का है।
आंध्र प्रदेश के खिलाफ विराट ने
- 101 गेंदों पर 131 रन
- शानदार स्ट्राइक रेट
- जिम्मेदार लेकिन आक्रामक बल्लेबाजी
करते हुए दिल्ली को चार विकेट से जीत दिलाई थी। उस पारी के बाद से ही यह साफ हो गया था कि विराट घरेलू क्रिकेट को हल्के में नहीं ले रहे।
गुजरात के गेंदबाजों पर भारी पड़े विराट
गुजरात के गेंदबाजों ने विराट को रोकने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन अनुभव के आगे उनकी एक न चली। नई गेंद हो या स्पिन, विराट ने हर गेंदबाज के खिलाफ अपने शॉट्स खेले।
खास बात यह रही कि उन्होंने कोई भी जोखिम भरा शॉट नहीं खेला। उनकी बल्लेबाजी में वही पुरानी खासियत दिखी—
- सही टाइमिंग
- गैप्स का शानदार इस्तेमाल
- गेंद को देर तक देखना
यही वजह है कि इतनी तेज पारी खेलने के बावजूद उनकी बल्लेबाजी बेहद नियंत्रित नजर आई।
दिल्ली टीम के लिए क्यों हैं विराट सबसे बड़ी ताकत?
विराट कोहली की मौजूदगी से दिल्ली की टीम को सिर्फ रन ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास भी मिल रहा है। युवा खिलाड़ी जब ड्रेसिंग रूम में विराट जैसे दिग्गज को देखते हैं, तो उनका मनोबल अपने आप बढ़ जाता है।
पावरप्ले में तेज रन बनाकर विराट विपक्षी टीम पर दबाव बना देते हैं, जिससे दूसरे बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिलता है। यही वजह है कि दिल्ली की बल्लेबाजी इस टूर्नामेंट में काफी संतुलित नजर आ रही है।
टीम इंडिया के लिए भी अच्छे संकेत
विराट कोहली की यह फॉर्म सिर्फ दिल्ली के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए भी राहत भरी खबर है। आने वाले समय में बड़े टूर्नामेंट और अहम सीरीज को देखते हुए विराट का इस तरह रन बनाना चयनकर्ताओं के लिए भी एक मजबूत संकेत है।
घरेलू क्रिकेट में इस तरह की निरंतरता यह दिखाती है कि विराट न सिर्फ फिट हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह तैयार हैं।
आंकड़ों में विराट की पारी
- टूर्नामेंट: विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26
- मैच: दिल्ली बनाम गुजरात
- अर्धशतक: 29 गेंदों में
- चौके: 11
- छक्के: 1
- लगातार 50+ स्कोर: 6वीं बार (लिस्ट-ए क्रिकेट)
निष्कर्ष
विराट कोहली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि क्लास पर उम्र का असर नहीं पड़ता। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका बल्ला जिस तरह से आग उगल रहा है, वह न सिर्फ फैंस के लिए खुशी की बात है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी शुभ संकेत है।
गुजरात के खिलाफ 29 गेंदों में जड़ा गया यह अर्धशतक सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि एक बयान है—
विराट कोहली अभी भी वही हैं, और शायद पहले से भी ज्यादा खतरनाक।
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